IMD Weather Alert: देशभर में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है। India Meteorological Department (IMD) ने 30 मार्च से 1 अप्रैल तक कई राज्यों में आंधी-तूफान, तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तर भारत से लेकर पूर्व और दक्षिण भारत तक असर दिखाएगा।
30 मार्च को मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। राजस्थान के अरावली क्षेत्र में धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी दी गई है। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
31 मार्च से मौसम का यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्व की ओर शिफ्ट होगा। इसका असर महाराष्ट्र के मध्य हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ में देखने को मिलेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है।
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दक्षिण भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा। कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले में काम न करने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि 31 मार्च के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश कुछ कम हो सकती है, लेकिन स्थानीय बादल हल्की बौछारें ला सकते हैं। वहीं 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे फिर से बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो सकता है।
30 मार्च का पूर्वानुमान
इस दिन पश्चिमी विक्षोभ चरम पर रहेगा। राजस्थान के अरावली क्षेत्रों में धूल भरी आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि संभावित है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश और ओलों का खतरा बना हुआ है। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में गरज-चमक संग बौछारें पड़ सकती हैं।
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31 मार्च से 1 अप्रैल
बारिश का सिस्टम पूर्व की ओर शिफ्ट होगा। महाराष्ट्र (मध्य, मराठवाड़ा, विदर्भ), छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि का अलर्ट है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। दक्षिण में कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र, केरल में भी गतिविधियां बनी रहेंगी।
सावधानियां और आगे का अनुमान
किसान कटी फसलें सुरक्षित रखें और तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों-पोलों से दूर रहें। उत्तर-पश्चिम भारत में 31 मार्च को बारिश कम हो सकती है, लेकिन स्थानीय बादल छिटपुट बौछारें ला सकते हैं। 2 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश-ओलावृष्टि का दौर फिर शुरू हो।
